पाठ 23 / 25

Post-incident learning

Post-incident learning को स्पष्ट goal और verify किए जा सकने वाले outcome के साथ लागू करें।

Post-incident learning को समझें

Post-incident learning में पहले यह समझें कि वह कौन-सी समस्या हल करता है। Tool या workflow चुनने से पहले input, constraint और दिखने वाला result पहचानें। इससे आपका निर्णय समझाना और review करना आसान होगा।

सोच-समझकर अभ्यास करें

Post-incident learning के लिए छोटा और सुरक्षित example बनाएँ। एक समय में एक चीज बदलें और लिखें कि result आपके assumption को क्यों सही या गलत बताता है।

एक उपयोगी तुलना

Post-incident learning यात्रा से पहले की checklist जैसा है: वह आपके लिए यात्रा नहीं कर सकता, लेकिन छोटी छूटी बात को महँगे surprise बनने से रोकता है।

Action के पीछे की reasoning जाँचें।

त्वरित जाँच: Post-incident learning का उपयोग करते समय सबसे मजबूत पहला step क्या है?

  • समस्या, constraint और सफलता का evidence तय करें।
  • बिना पढ़े सबसे बड़ा example copy करें।
  • समय बचाने के लिए verification छोड़ दें।
Answer

समस्या, constraint और सफलता का evidence तय करें। — स्पष्ट constraint और verify किया जा सकने वाला result workflow को विश्वसनीय बनाते हैं।